उज्जैन, मध्यप्रदेश:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को वर्चुअली सिंहस्थ महापर्व 2028 की आधिकारिक तैयारियों की शुरुआत करते हुए ₹778.91 करोड़ की लागत से बनने वाले घाट निर्माण कार्य का भूमिपूजन करेंगे। यह कार्य नमामि क्षिप्रा परियोजना के तहत किया जाएगा, जिसमें क्षिप्रा नदी के किनारे आधुनिक सुविधाओं से युक्त घाटों का निर्माण किया जाएगा।

इस अवसर पर ₹83.39 करोड़ की लागत से बनने वाले बैराज, स्टॉप डेम और वेंटेड कॉजवे का भी भूमिपूजन किया जाएगा। यह परियोजना न केवल सिंहस्थ मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुविधाएं प्रदान करेगी, बल्कि नदी के जलप्रवाह को भी संरक्षित करेगी।

29 किलोमीटर तक फैले घाट – 50 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था

अखाड़ा परिषद के संरक्षक हरि गिरि महाराज ने इस भूमिपूजन को सिंहस्थ महापर्व 2028 की आधिकारिक शुरुआत करार दिया है। उन्होंने बताया कि 29 किलोमीटर से भी अधिक क्षेत्र में घाटों का निर्माण किया जाएगा, जिससे करीब 50 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था की जा सकेगी। यह प्रयास सिंहस्थ के भव्य और व्यवस्थित आयोजन की दिशा में एक बड़ा कदम है।

CM मोहन यादव और साधु-संतों की सहभागिता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में हरि गिरि महाराज से मुलाकात कर सिंहस्थ की तैयारियों की समीक्षा की थी। हरि गिरि महाराज ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि इस परियोजना से साधु-संतों और धर्मप्रेमियों में उत्साह है।

सभी विभाग होंगे सक्रिय, महाकुंभ को मिलेगा नया आयाम

अब जब इस ऐतिहासिक महापर्व की शुरुआत हो चुकी है, तो उज्जैन प्रशासन सहित सभी सरकारी विभाग पूर्ण उत्साह से तैयारियों में जुटेंगे। यह महाकुंभ न केवल एक धार्मिक आयोजन होगा, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक समृद्धि का प्रतीक बनकर उभरेगा।

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