मध्य प्रदेश के बड़नगर में नगर पालिका की फायर ब्रिगेड वाहन द्वारा हुई दुर्घटना में तीन मासूमों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों में प्रशासनिक लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश है।
हादसा: तेज रफ्तार फायर ब्रिगेड वाहन ने छह राहगीरों को रौंदा
गुरुवार को नयापुरा बाईपास क्षेत्र में नगर पालिका की फायर ब्रिगेड वाहन अत्यधिक तेज गति से आ रहा था और चालक नशे की हालत में था। वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े छह राहगीरों पर चढ़ गया। इस हादसे में तीन मासूमों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दो की हालत नाजुक बनी हुई है।
प्रशासनिक लापरवाही: CMO मंसाराम निगवाल की चुप्पी पर सवाल
घटना के बाद नगर पालिका मुख्य अधिकारी मंसाराम निगवाल घटनास्थल पर नहीं पहुंचे और न ही अस्पताल में पीड़ितों से मिलने आए। इससे स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों में गहरा रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि फायर ब्रिगेड कर्मचारी नशे में था, तो उसके विरुद्ध पहले ही कार्रवाई क्यों नहीं की गई? सवाल यह भी उठ रहा है कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा ऐसे कर्मचारियों की नियमित जांच क्यों नहीं की जाती?
एसडीएम का बयान: चालक की गिरफ्तारी, CMO के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी
एसडीएम ने मीडिया से चर्चा में बताया कि प्रारंभिक तौर पर वाहन चालक को हिरासत में लिया गया है और उस पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष से चर्चा कर मुख्य नगर पालिका अधिकारी के विरुद्ध भी उचित निर्णय लिया जाएगा। नगर पालिका अध्यक्ष का कहना है कि मानवीय दृष्टिकोण से CMO को अस्पताल आना चाहिए था।
जन आक्रोश: CMO की निलंबन की मांग
घटना के बाद से बड़नगर में नागरिकों में आक्रोश है। मृतकों के परिजनों ने प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई है और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निलंबित करने की मांग की है। उनका कहना है कि जिम्मेदारी केवल ड्राइवर की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की है।
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