मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री एक महत्वपूर्ण विदेशी दौरे पर हैं, जिसका उद्देश्‍य राज्य में निवेश के नए अवसर तलाशना और मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर प्रमुख बनाना है।

विदेश दौरा: दिशा में तेजी

मुख्यमंत्री ने हाल ही में दुबई (UAE) और स्पेन (Spain) की यात्रा शुरू की है। यह दौरा 13 से 19 जुलाई तक रहेगा, जिसका मकसद राज्य की औद्योगिक क्षमता, हरित ऊर्जा, कृषि प्रसंस्करण और पर्यटन क्षेत्रों में ग्लोबल निवेशकों को आकर्षित करना है

प्राकृतिक संपदा और निवेश पर जोर

उन्होंने अपने संबोधन में कहा:

“मध्यप्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर एक समृद्ध राज्य है, जहां निवेश और व्यापार की अपार संभावनाएं हैं।”

यह स्पष्ट संकेत है कि राज्य सरकार निवेशकों को आकर्षित करने को प्राथमिकता दे रही है।

वन-टू-वन बैठकें: निवेशकों से प्रत्यक्ष संवाद

सीएम यादव ने दुबई में विशेष तौर पर इंडो-यूएई समुदाय के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। इसमें इंदौरी जेनेटिक उद्यमी, जैसे प्रवीण मेहता (₹100 करोड़ + ₹1,000 करोड़ परियोजनाएं) और फ्रॉम क्लटरेशन में रुचि रखने वाले निवेशकों ने भाग लिया ।

वैश्विक गति जारी

यह दौरा MP के पिछले विजिट्स (UK, Germany, Japan) की सीरीज में है, जिसमें अब तक ₹78,000 करोड़ के विदेशी प्रस्ताव (UK‑Germany) प्राप्त हो चुके हैं
इस दौरे से भी निवेशकों को औद्योगिक नीतियों और कृषि‑टूरिज्म से संबंधित अवसरों से अवगत कराया जा रहा है।

रणनीतिक क्षेत्र और रोडमैप

यात्रा के दौरान CM ने मुख्य क्षेत्रों को रेखांकित किया है:

  • औद्योगिक निवेश: लॉजिस्टिक्स, मिनरल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल
  • ग्रीन एनर्जी: हरित ऊर्जा परियोजनाएं
  • एजुकेशन & हेल्थ: विदेशी यूनिवर्सिटी कैंपस आदि
  • टूरिज्म: राज्य को वैश्विक टूरिज्म हब बनाने की पहल

निष्कर्ष:

मध्यप्रदेश सरकार की यह विदेश नीति रणनीतिक और निवेश‑केंद्रित है। मुख्यमंत्री की यह पहल राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊचाइयों पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। वन-टू-वन मीटिंग्स, ग्लोबल रोडशोज और निवेश वायदों की श्रृंखला ने राज्य की निवेश-प्रक्रिया को और मजबूत किया है।

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