पब्लिक फर्स्ट । उत्तर प्रदेश । अभिषेक यादव |
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संवेदनशील जनपदों—मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक तनाव फैलाने और आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की गहरी साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है। मुजफ्फरनगर पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों—नदीम, मनशेर और रहीस को गिरफ्तार किया है, जिनसे लगातार पूछताछ चल रही है।
इस तरह रची गई थी साजिश
पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान पता चला कि एक व्हाट्सएप ग्रुप में ऐसी भ्रामक और भड़काऊ सामग्री वायरल की जा रही थी, जिसका मकसद सांप्रदायिक तनाव फैलाना और हिंसा भड़काना था। आरोपियों ने पाकिस्तान का एक सनसनीखेज प्रदर्शनकारी वीडियो, जिसमें एक व्यक्ति अपने परिवार की हत्या करता है, उसे भारत के मुरादाबाद जिले का बताकर फैलाया। इसके साथ ऑडियो जोड़ा गया, जिसमें दावा किया गया कि यूपी के मंसूरपुर गांव में बजरंग दल के लोग मुस्लिम घरों में कत्लेआम कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, इस वीडियो और फर्जी संदेश को सैकड़ों लोगों वाले चार व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल किया गया था, ताकि सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान दंगे भड़काए जा सकें। डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह के मुताबिक, यह एक गहरी साजिश थी, जिसका उद्देश्य “लोन वुल्फ” आतंकी अटैक कराना भी था।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
ककरौली थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ना सिर्फ तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, बल्कि फॉरेंसिक की मदद से पूरे नेटवर्क की जांच भी शुरू कर दी है। पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनसे जुड़े नेटवर्क का भी पता लगा रही है। अन्य राज्यों और जिलों में छापेमारी की जा रही है।
सरकार और पुलिस की चेतावनी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से भी स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कांवड़ यात्रा की पवित्रता के साथ खिलवाड़ करने वाले और हिंसा या अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। प्रशासन ने कहा है कि ऐसे सभी असामाजिक तत्वों की पहचान कर उन पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा।
