पब्लिक फर्स्ट । रायसेन । संजीव ठाकुर ।
जिले में विकास योजनाओं की समीक्षा बैठकों का सिलसिला लगातार जारी है, पर ज़मीनी स्तर पर बदलाव का असर अभी तक दिखाई नहीं दे रहा। हाल ही में प्रभारी मंत्री नारायण सिंह पंवार ने औबेदुल्लागंज के आजीविका भवन में भोजपुर विधानसभा क्षेत्र की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हर पात्र हितग्राही को योजना का लाभ समय पर और सरल प्रक्रिया से मिलना चाहिए।
हालांकि, स्थानीय जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि केवल बैठकों में समीक्षा और निर्देशों से कोई ठोस परिवर्तन नहीं होता। कार्य के निष्पादन और लाभ के वितरण में भारी अंतर अभी भी बरकरार है।
भाजपा विधायक सुरेन्द्र पटवा ने भी बैठक में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया, लेकिन उनके निर्देशों का प्रभाव फील्ड पर दिखाई नहीं देता। जनता का यह भी कहना है कि जब तक जमीनी काम नहीं होगा, तब तक विकास केवल कागजों और बैठकों तक सीमित रहेगा।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
बैठक में कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा और जिला पंचायत सीईओ अंजी पवन भदौरिया ने योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। हालांकि, ज़मीनी स्तर पर इन रिपोर्टों का कोई ठोस असर आम लोगों के जीवन में नजर नहीं आ रहा। सभी विभागों के अधिकारी बैठक में मौजूद रहे, लेकिन काम की गति संतोषजनक नहीं मानी जा रही।
रेल कोच फैक्ट्री से जुड़ी उम्मीदें
अब जिले की सबसे बड़ी उम्मीदें 10 अगस्त को प्रस्तावित ₹1800 करोड़ की अत्याधुनिक रेल कोच फैक्ट्री से जुड़ी हैं, जिससे 1575 नए रोजगार पैदा होने की संभावना है। यह परियोजना रायसेन के आर्थिक भविष्य को बदल सकती है, लेकिन तब तक जब तक इसका वास्तविक क्रियान्वयन शुरू नहीं होता, जनता के मन में संदेह बना रहेगा।
सारांश
- समीक्षा बैठकों का दौर जारी, लेकिन क्रियान्वयन में सुस्ती
- जनता को योजनाओं का पूर्ण लाभ नहीं मिल रहा
- रेल कोच फैक्ट्री उम्मीदों की नई किरण, पर अभी प्रारंभिक स्थिति में
- प्रशासन को चाहिए कि वह धरातल पर सीधे निरीक्षण करें
- जनता अब परिणाम देखना चाहती है, आश्वासन नहीं
