पब्लिक फर्स्ट। उज्जैन। अमृत बैंडवाल ।
दिल्ली में कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी और “वोट चोरी” के आरोपों के खिलाफ आज उज्जैन में शहर कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पिपली नाका चौराहे पर हुआ, जहां कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग का पुतला दहन करने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने यह कोशिश नाकाम कर दी।
दिल्ली घटनाक्रम से गुस्साए कार्यकर्ता
कांग्रेस का आरोप है कि दिल्ली में शांतिपूर्ण पैदल मार्च के दौरान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया गया। इसके विरोध में उज्जैन शहर कांग्रेस ने पहले ही पुतला दहन की घोषणा कर दी थी। प्रशासन ने इसे देखते हुए प्रदर्शन स्थल पर पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया था।
पुलिस बनाम प्रदर्शनकारी: संख्या में पुलिस ज्यादा
प्रदर्शन स्थल पर पुलिसकर्मियों की संख्या कार्यकर्ताओं से कहीं अधिक रही। जैसे ही पुतला जलाने की कोशिश हुई, पुलिस ने उसे जब्त कर लिया और विरोध जताने वाले नेताओं को पीछे हटने को मजबूर कर दिया।
कांग्रेस नेताओं के तीखे बयान
शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी ने कहा—
“दिल्ली में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है, विपक्ष के नेताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। उज्जैन में भी हमें विरोध का अधिकार नहीं दिया गया।”
वहीं नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा—
“आज प्रशासन ने महाकाल की सवारी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा छोड़कर हमें रोकने में पुलिस लगा दी। हाल ही में महापौर के भाई पर हमले के बावजूद पुलिस आम जनता की सुरक्षा में नाकाम है और केवल सरकार की रक्षा कर रही है।”
लोकतंत्र बचाने का संदेश
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जनता के मताधिकार और विरोध के अधिकार को किसी भी कीमत पर छीना नहीं जा सकता।
