पब्लिक फर्स्ट । बड़वानी । विजय निकुम ।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष उमंग सिंघार के “हम आदिवासी हैं, हिन्दू नहीं” और “आरएसएस में सरसंघचालक आदिवासी क्यों नहीं?” वाले बयान पर सियासी तूफ़ान खड़ा हो गया है।

सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने इसे आदिवासी समाज और सनातन संस्कृति का अपमान बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज सनातन काल से हिन्दू परंपरा का अभिन्न हिस्सा है, जो प्रकृति पूजन और हिन्दू त्योहारों में अपनी आस्था व्यक्त करता आया है।

पटेल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल वोट बैंक की राजनीति कर रही है और कभी भी आदिवासियों के धर्मांतरण को रोकने के लिए प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा कि संघ में कई आदिवासी समाज के लोग दायित्व निभा रहे हैं।

इसी बीच, केंद्रीय आदिवासी मामलों के राज्य मंत्री दुलदास उइके ने भी उमंग सिंघार के बयान को “तथ्यहीन और विभाजनकारी” बताते हुए उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की।

भाजपा नेताओं ने सामूहिक रूप से कांग्रेस पर आदिवासी समाज को गुमराह करने और राजनीतिक लाभ के लिए विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया है।

publicfirstnews.com

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