पब्लिक फर्स्ट। चंदला । उदय अवस्थी।

मुख्य बिंदु

  • चंदला में जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर की गाड़ी रोकी गई
  • नागरिकों ने अपनी समस्याओं का समाधान मांगते हुए विरोध जताया
  • पुलिस ने भीड़ हटाने का प्रयास किया, लेकिन कलेक्टर ने स्वयं उतरकर समस्याएं सुनीं
  • रास्ता रोकने और जबरन कब्जे जैसी शिकायतें सामने आईं
  • प्रशासन ने त्वरित समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन नाराजगी बनी रही

छतरपुर जिले के चंदला नगर परिषद में पहली बार जनसुनवाई करने पहुंचे कलेक्टर पार्थ जायसवाल का सामना स्थानीय नागरिकों की नाराजगी से हुआ। जनसुनवाई के दौरान करीब 100–150 नागरिकों ने आवेदन दिए, जिनमें कुछ मामलों का मौके पर समाधान किया गया, लेकिन कई शिकायतों का जवाब संतोषजनक न मिलने से नागरिक असंतुष्ट रहे।

जनसुनवाई समाप्त होने के बाद जैसे ही कलेक्टर की गाड़ी सभागार से रवाना हुई, स्थानीय लोगों ने गाड़ी रोक दी और “हमारी समस्याएं सुनो साहब” के नारे लगाने लगे। पुलिस ने भीड़ हटाने का प्रयास किया, लेकिन नागरिक तब तक नहीं हटे जब तक कलेक्टर स्वयं गाड़ी से उतरकर उनकी शिकायतें नहीं सुनते।

कलेक्टर ने वार्ड 3 के महिला-पुरुषों की समस्याएं सुनीं, जिनमें रास्ता रोकने, जबरन कब्जा करने जैसी शिकायतें शामिल थीं। कई नागरिकों ने आरोप लगाया कि पिछड़ा वर्ग के नाम पर सत्ता में आए जनप्रतिनिधि भ्रष्टाचार कर रहे हैं और उनके आवेदन पर कार्रवाई नहीं हुई।

कलेक्टर ने सभी नागरिकों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द किया जाएगा और प्रशासन इन मामलों पर गंभीरता से काम करेगा। हालांकि, संतोषजनक जवाब न मिलने वाले लोगों में नाराजगी स्पष्ट दिखाई दी।

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