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- वंदे भारत मेट्रो का परिचालन सिंहस्थ-2028 से पहले
- 12 कोच, 2000 यात्री क्षमता
- तेज़ गति, आरामदायक यात्रा
- स्टेशन का विकास फरवरी 2026 तक पूरा
- श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
सिंहस्थ-2028 से पहले ही इंदौर-उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो सेवा शुरू होगी। यह ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, और लगभग 40-45 मिनट में यात्रियों को उज्जैन से इंदौर पहुंचाएगी। खास बात यह है कि ये मेट्रो मौजूदा रेलवे ट्रैक पर ही चलेगी, किसी नए ट्रैक की जरूरत नहीं। इससे यात्रियों को आरामदायक, तेज़ और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। यह सुविधा सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी। पूरी तैयारियां तेज़ हैं, और लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन का भी विकास किया जा रहा है। सिंहस्थ-2028 का यह आयोजन श्रद्धालुओं की आस्था का महाकुंभ होने जा रहा है।
वंदे भारत मेट्रो वर्तमान रेलवे ट्रैक पर ही चलेगी। आमतौर पर मेट्रो के लिए अलग ट्रैक की जरूरत होती है, लेकिन इस सेवा के लिए नया ट्रैक बिछाने की आवश्यकता नहीं होगी।
इंदौर से उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो का सफर लगभग 40 से 45 मिनट का रहेगा। यह ट्रेन एसी और नॉन-एसी सहित आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। बता दें कि इंदौर-उज्जैन रूट पर चलने वाली वंदे भारत मेट्रो को ‘नमो भारत ट्रेन’ के नाम से भी जाना जाएगा।स्पेशल कोच हो रहे तैयार
रेलवे सूत्रों के अनुसार, वंदे भारत मेट्रो ट्रेन वर्ल्ड क्लास 12 कोच की होगी। इसके कोच विशेष रूप से डिजाइन किए जा रहे हैं, जिनमें मेट्रो जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पहली ट्रेन काशी में शुरू होगी। इसके बाद यह सुविधा इंदौर से उज्जैन को मिलेगी। सूत्रों के मुताबिक, यह ट्रेन मात्र 5 सेकेंड में 50 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार पकड़ने में सक्षम होगी।करीब दो हजार यात्री खड़े होकर भी कर सकेंगे सफर
रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, सिंहस्थ से पहले इंदौर-उज्जैन रूट पर चलने वाली वंदे भारत मेट्रो ट्रेन में 12 कोच होंगे। इसमें 1150 से अधिक यात्रियों के बैठने की क्षमता रहेगी, जबकि लगभग दो हजार यात्री खड़े होकर भी सफर कर सकेंगे।
वंदे भारत मेट्रो ट्रेन को विशेष रूप से तेज गति के लिए डिजाइन किया गया है। कुछ मार्गों पर इसकी अधिकतम डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा है, जबकि परिचालन गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।सिंहस्थ के लिए तैयार हो रहा लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन
लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन को करीब 55 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया जा रहा है। इसमें 45 करोड़ रुपए से स्टेशन के विकास कार्य और 10 करोड़ रुपए की लागत से फुट ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए इस स्टेशन का उन्नयन किया जा रहा है।
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