उत्तर प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की ठंड को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रदेश भर के सभी सरकारी चिकित्सालयों में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों के लिए रैनबसेरे (अस्थायी रुकने की व्यवस्था) बनाई गई है, ताकि उन्हें ठंड से बचाया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अस्पताल परिसरों में अलाव, कंबल और रैनबसेरे की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही ठंड से जुड़ी बीमारियों के मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने ठंड के मौसम में हृदय रोगियों (हार्ट पेशेंट्स) के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। विभाग ने लोगों को सुबह और देर रात ठंड में बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने, नियमित दवाइयों का सेवन करने और सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ जैसी शिकायत होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार ठंड के कारण हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और सांस से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
प्रदेश के सभी अस्पतालों को आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह सक्रिय रखने और एंबुलेंस सेवाओं को अलर्ट रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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