कल सीधी प्रखंड में एक छात्रा सुश्री अनामिका बैगा ने NEET की तैयारी और कोचिंग/छात्रावास सुविधा के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से मदद की गुहार लगाई।

जानकारी के अनुसार, यह विवरण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने X (पूर्व में ट्विटर) प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा किया। मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने के बाद पता चला कि अनामिका अभी तक NEET परीक्षा नहीं दे चुकी हैं और वह आगामी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने इसके बाद प्रशासन को अनामिका के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि आगे जब वह NEET परीक्षा सफलतापूर्वक देकर किसी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाएंगी, तो उन्हें शैक्षणिक, आर्थिक और छात्रावास संबंधी हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य सिर्फ़ एक छात्रा की मदद करना ही नहीं है, बल्कि युवाओं के शिक्षा और करियर को बढ़ावा देना और उन्हें सपोर्ट देना भी है। यह कदम मध्यप्रदेश सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसमें योग्य और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सपनों को साकार करने का अवसर दिया जाता है।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह भी आशा जताई है कि एक दिन अनामिका बैगा एक विख्यात चिकित्सक के रूप में मध्यप्रदेश का नाम रोशन करेंगी, और प्रदेश के युवा इससे प्रेरणा लेंगे।

इस पूरे घटनाक्रम से यह भी स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार शिक्षा, नवाचार और युवाओं के विकास को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जरूरत पड़ने पर व्यक्तिगत मदद और मार्गदर्शन देने में पीछे नहीं हटती।

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