अमेठी: उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने जगदीशपुर में आयोजित कार्यक्रम में एक बड़ा और बेहद कड़ा बयान दिया। मंत्री ने कहा कि, “आज के दौर में यदि किसी भी सनातनी को पूजा करने से रोका गया, तो उसका हाथ तोड़ दिया जाएगा।”

मंत्री ने अपने संबोधन में क्षेत्र के पुराने हालातों की तुलना वर्तमान स्थिति से करते हुए सनातनी समाज की आस्था की सुरक्षा का भरोसा दिलाया। उनके इस बयान ने अमेठी और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।

पुराने दौर के आतंक और भय का जिक्र

मयंकेश्वर शरण सिंह ने अपने संबोधन में लगभग 50 साल पहले के समय का स्मरण कराया। उन्होंने बताया कि उस दौर में अमेठी और जगदीशपुर में भय का ऐसा माहौल था कि लोग अपने घरों के भीतर घंटी तक बजाने से डरते थे। मंत्री ने दावा किया कि उस समय आतंक इतना चरम पर था कि सनातनी समाज के लोग अपने घरों में शांतिपूर्वक पूजा-पाठ तक नहीं कर पा रहे थे।

उनके इस बयान को क्षेत्र के पुराने राजनीतिक और सामाजिक माहौल पर कड़ा कटाक्ष माना जा रहा है।

सनातनी आस्था और सुरक्षा पर कड़ा संदेश

बदलते दौर का हवाला देते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब सनातनियों को डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि आज के समय में यदि कोई व्यक्ति किसी सनातनी को धार्मिक क्रियाओं या पूजा पद्धति से रोकने का प्रयास करेगा, तो प्रशासन और समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।

मंत्री के मंच से दिए गए ‘हाथ तोड़ने’ वाले बयान को सीधे तौर पर विरोधियों और किसी भी रोकने वाले के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।

मंत्री के बयान पर गरमाई सियासत

जगदीशपुर में इस कार्यक्रम में मंत्री के बयान के बाद सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। समर्थक इसे सनातनी गौरव और सुरक्षा की गारंटी मान रहे हैं, वहीं विपक्षी दल भाषा की मर्यादा पर सवाल उठा सकते हैं।

अमेठी की राजनीति में ऐसे आक्रामक बयान अक्सर ध्रुवीकरण की स्थिति पैदा करते हैं। मंत्री का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और चर्चा का विषय बना हुआ है।

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