जिले के भौनिया गांव में हिंदुस्तान यूनीलीवर लिमिटेड द्वारा CSR फंड के तहत आयोजित पशु चिकित्सा शिविर विवाद में घिर गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिविर में बांटी गई दवाइयों के सेवन से कई घरेलू पशुओं की हालत बिगड़ गई और अब तक तीन पशुओं की मौत हो चुकी है।
घटना का विवरण
यह शिविर सुमेरपुर थाना क्षेत्र में कंपनी की फैक्ट्री के तहत आयोजित किया गया था। शिविर में लगभग 12 घरेलू पशुओं को मार्कोप्रिम और टेट्रा बोलस टैबलेट वितरित की गई थीं।
दवा खाने के कुछ ही समय बाद पशुओं की स्थिति गंभीर हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि दवाओं की मात्रा और सही उपयोग की जानकारी नहीं दी गई, जिससे कई पशु बीमार हुए।
पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार, ओवरडोज के कारण पशुओं की हालत बिगड़ी और मौतें हुईं, लेकिन ग्रामीण इस उत्तर से संतुष्ट नहीं हैं और शिविर में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।
पशुओं की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने कंपनी और आयोजकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की है। साथ ही, उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत कर पूरी घटना की जांच की बात कही।
ग्रामीणों का कहना है कि हिंदुस्तान यूनीलीवर के नाम पर यह शिविर जानलेवा साबित हुआ है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
PUBLICFIRSTNEWS.COM
