प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में 7 से 9 फरवरी तक आयोजित बस्तर पंडुम से जुड़े सभी प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने इस आयोजन को बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और जनजातीय विरासत का भव्य उत्सव बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल देश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने का भी कार्य करते हैं।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि एक समय था जब बस्तर का नाम आते ही माओवाद, हिंसा और विकास से पिछड़े क्षेत्र की छवि सामने आती थी, लेकिन आज यह तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। अब बस्तर को शांति, विकास और वहां के लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर का भविष्य शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव से परिपूर्ण होगा।
प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर मार्गदर्शन में बस्तर आज सांस्कृतिक गौरव और समावेशी विकास के एक सशक्त प्रतीक के रूप में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम जैसे आयोजन जनजातीय परंपराओं, लोक संस्कृति और विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ शांति, विश्वास और समावेशी विकास का मजबूत संदेश देते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव बस्तर में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। सड़कों, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आजीविका के अवसरों के विस्तार से क्षेत्र में विश्वास और सहभागिता का नया माहौल बना है। उन्होंने पुनः आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जनजातीय समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ बस्तर को शांति, समृद्धि और विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है
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