छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर राज्य है और इस धन-धान्य से पुष्पित-पल्लवित धरा को सुंदर, समृद्ध, सुरक्षित और विकसित बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने यह बात आज अपने निवास कार्यालय में सिक्किम से अध्ययन भ्रमण पर आए पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कही।

मुख्यमंत्री ने अतिथि पत्रकारों का राजकीय गमछा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया और राज्य के विकास मॉडल, जनकल्याणकारी योजनाओं, नक्सल पुनर्वास नीति, औद्योगिक नीति और पर्यटन संभावनाओं की विस्तार से जानकारी दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र से आच्छादित है तथा राज्य की लगभग 31 प्रतिशत आबादी आदिवासी समुदाय से जुड़ी है। वनोपज संग्रहण और मूल्य संवर्धन के माध्यम से आदिवासी समाज को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। जशपुर जिले में स्व-सहायता समूहों द्वारा ‘जशप्योर’ ब्रांड के अंतर्गत उत्पाद तैयार कर आजीविका सृजन किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण पर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा का भुगतान किया जा रहा है तथा चरण पादुका योजना के तहत निःशुल्क चप्पल वितरण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह की चिंता को दूर करने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई इस योजना के अंतर्गत हाल ही में 6,000 से अधिक जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी स्थान मिला है। योजना के तहत 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता एवं 15 हजार रुपये की सामग्री सहायता प्रदान की जाती है।

नक्सलवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है। आकर्षक पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को आर्थिक सहायता, मासिक भत्ता और कौशल प्रशिक्षण देकर मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। जगदलपुर में ‘बस्तर पंडुम’ कैफे इसका सफल उदाहरण है।

पर्यटन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकोट जलप्रपात, कुटुम्बसर गुफाएं, अबूझमाड़ और धुड़मारास जैसे स्थल छत्तीसगढ़ की पहचान हैं। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम-स्टे को उद्योग का दर्जा दिया गया है।

स्वास्थ्य और उद्योग क्षेत्र में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि नवा रायपुर में मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है तथा नई औद्योगिक नीति के तहत राज्य को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। साथ ही चित्रोत्पला फिल्म सिटी से फिल्म उद्योग को नया आयाम मिलेगा।

“छत्तीसगढ़ ने भारतीय होने का गर्व कराया” – अर्चना प्रधान

सिक्किम की पत्रकार सुश्री अर्चना प्रधान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ‘मेक इन इंडिया’ की सशक्त झलक देखने को मिली। भिलाई स्टील प्लांट सहित औद्योगिक इकाइयों ने राज्य की आर्थिक क्षमता को प्रदर्शित किया है। छत्तीसगढ़ ने हमें भारतीय होने का गर्व कराया है।

सिक्किम के पत्रकारों को भाया छत्तीसगढ़

पत्रकारों ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और लोगों का आत्मीय व्यवहार अत्यंत प्रभावित करने वाला है। पांच दिवसीय भ्रमण के दौरान उन्होंने भिलाई स्टील प्लांट, गेवरा ओपन माइंस, नवा रायपुर और जनजातीय संग्रहालय का अवलोकन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री को सिक्किम की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक ‘थांका’ पेंटिंग भेंट की गई, जिसे उन्होंने सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रतीक बताया।

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