वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम, नवा रायपुर में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने राज्य सरकार द्वारा वन एवं जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों, हरित आवरण बढ़ाने की योजनाओं तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में चल रही पहलों की विस्तार से जानकारी दी।

मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि राज्य सरकार पर्यावरण संतुलन और सतत विकास को प्राथमिकता देते हुए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, वन संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि हरित आवरण बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित कर पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाया जा रहा है।

प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री श्री कश्यप ने परिवहन विभाग से जुड़ी योजनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य में सुरक्षित, सुगम और आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए सड़क सुरक्षा, यातायात सुधार और अधोसंरचना विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इसके साथ ही सहकारिता विभाग की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि सहकारी संस्थाओं को मजबूत कर किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे व्यवसायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है। सहकारिता के माध्यम से रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मंत्री श्री केदार कश्यप ने संसदीय कार्य विभाग से जुड़े विषयों पर भी जानकारी साझा करते हुए कहा कि शासन की नीतियों और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय और पारदर्शिता के माध्यम से जनहित से जुड़े निर्णयों को तेजी से लागू किया जा रहा है।

प्रेस वार्ता के अंत में मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पर्यावरण संरक्षण, विकास और जनकल्याण के संतुलन के साथ राज्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

इको-टूरिज्म और अधोसंरचना विकास पर चर्चा करते हुए श्री कश्यप ने कहा कि प्रदेश में 240 नैसर्गिक पर्यटन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 50 से अधिक केंद्र स्वावलंबी बन चुके हैं। वनवासियों की सुविधा के लिए 96 रपटा-पुलिया का निर्माण भी किया गया है।

मानव-हाथी द्वंद नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ‘गज संकेत’ ऐप के माध्यम से हाथियों की निगरानी की जा रही है तथा ग्रामीणों को समय पर सूचना उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए राज्य में 90 हाथी मित्र दल गठित किए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल 355 हाथी दर्ज किए गए हैं।

वन मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि औषधि पादप बोर्ड के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न जिलों में औषधीय पौधों का रोपण कराया गया है, जिससे हजारों महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। साथ ही पारंपरिक वैद्यों को प्रशिक्षण देकर उनके ज्ञान को संरक्षित किया जा रहा है।

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