उज्जैन में रविवार से विक्रमोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ हो गया। यह महोत्सव 15 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक चलेगा और इसमें संस्कृति, अध्यात्म और व्यापार का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

शाम को पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव का उद्घाटन किया। उद्घाटन के मौके पर प्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम ने ‘शिवोह्म’ संगीत संध्या प्रस्तुत की। कार्यक्रम में प्रीतम की धुन पर युवा थिरके और दर्शकों ने भक्ति और बॉलीवुड मिक्स गानों का आनंद लिया। प्रीतम ने मंच से मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया और कहा कि वे पहली बार उज्जैन आए हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय विक्रमादित्य सम्मान (1 करोड़ 1 लाख), राष्ट्रीय सम्मान (21 लाख) और तीन राज्य स्तरीय सम्मान (प्रत्येक 5 लाख) प्रदान किए।

महोत्सव के दौरान आयोजित कार्यक्रमों में कलश यात्रा, भारतीय परंपरा पर आधारित भव्य प्रदर्शनी और प्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम की संगीत संध्या प्रमुख रहे। प्रदर्शनी में विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्य भारत, महाभारत कालीन अस्त्र-शस्त्र, चक्रव्यूह, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक, श्रीकृष्ण प्रभात और रागमाला जैसे विषय दर्शकों को आकर्षित कर रहे हैं। इस बार महाभारत पर आधारित विशेष खंड में युद्ध व्यूहों के मॉडल और विस्तृत जानकारी भी प्रदर्शित की गई है।

विक्रमोत्सव के साथ ही विक्रम व्यापार मेला 2026 का शुभारंभ भी किया गया, जिसमें वाहनों की खरीद पर 50% तक रोड टैक्स में छूट दी जाएगी। इस अवसर पर उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया, नगर निगम सभापति कलावती यादव, विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा और महापौर मुकेश टटवाल उपस्थित रहे।

सुबह शासकीय कन्या महाविद्यालय से कलश यात्रा निकालकर शोधपीठ कार्यालय तक पहुंचाई गई, वहीं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ कार्यालय परिसर, विक्रम भवन और कालिदास अकादमी परिसर में विशेष प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ।

विक्रमोत्सव 2026 उज्जैन में संस्कृति, अध्यात्म और व्यापार का अद्भुत संगम पेश करता है और आने वाले एक महीने तक लोगों को भव्य अनुभव प्रदान करेगा।

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