छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में आयोजित बड़ादेव स्थापना कार्यक्रम में शामिल होकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के पारंपरिक और आध्यात्मिक आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करते हैं और समाज में एकता एवं समरसता को बढ़ावा देते हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर नारायण सिंह एवं वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने वीर नारायण सिंह के 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका बलिदान आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने बताया कि 10 दिसंबर 1857 को रायपुर के जयस्तंभ चौक पर उनका बलिदान भारतीय इतिहास में अमिट है।

वहीं, रानी दुर्गावती के अदम्य साहस और स्वाभिमान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मुगल सेना के सामने आत्मसमर्पण करने के बजाय रणभूमि में वीरगति प्राप्त कर मातृभूमि के प्रति अपने समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में जांजगीर-चांपा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक श्री संदीप साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आकांक्षा जायसवाल, उपाध्यक्ष श्री पवन साहू और पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

यह आयोजन न केवल आस्था का प्रतीक बना, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और ऐतिहासिक गौरव को भी नई पहचान देने वाला साबित हुआ।

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