ओडिशा की 15 वर्षीय अंजलि मुंडा ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में 200 मीटर फ्रीस्टाइल में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ अंजलि बनीं इस प्रतियोगिता की पहली महिला स्वर्ण पदक विजेता। अंजलि का यह सफर बेहद प्रेरक है। ओडिशा के जाजपुर जिले के गहिरागड़िया गांव की रहने वाली अंजलि ने अपने स्कूल में तैराकी को चुना, जो उस समय उनके लिए सिर्फ मनोरंजन का माध्यम थी। लेकिन मेहनत, समर्पण और उनके कोचों के मार्गदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में अंजलि ने 2:39.02 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर साधारण पृष्ठभूमि की प्रतिभा भी नई ऊंचाइयों को छू सकती है।
अंजलि ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोचों और खेल मंत्रालय की ‘अस्मिता लीग’ पहल को दिया। उन्होंने अब अपनी तैयारी आगामी स्पर्धाओं—50 मीटर और 100 मीटर बैकस्ट्रोक और 200 मीटर इंडिविजुअल मेडली—पर केंद्रित कर दी है, ताकि वे अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय को और सुधार सकें।
अंजलि मुंडा की यह सफलता न केवल उनकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक भी है, यह दिखाती है कि साहस, मेहनत और समर्पण से कोई भी अपने सपनों को साकार कर सकता है।
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