राजस्थान में फर्जी डॉक्टर बनाने वाले एक बड़े गिरोह का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। Special Operations Group (SOG) ने FMG (Foreign Medical Graduate) सर्टिफिकेट प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली समेत राजस्थान के 21 ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, करौली, धौलपुर, सीकर, अलवर, कोटपुतली और झुंझुनूं सहित कई शहरों में एक साथ कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि गिरोह फर्जी सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन के जरिए 12वीं पास लोगों को डॉक्टर बना रहा था।
इस मामले में राजस्थान मेडिकल काउंसिल के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा को गिरफ्तार किया गया है। SOG ने अब तक डॉ. राजेश शर्मा सहित 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस पूरे नेटवर्क में 90 से ज्यादा संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है।
सरकार द्वारा गठित 5 सदस्यीय जांच समिति की अंतरिम रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 98 फर्जी डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन किया गया था। आरोप है कि रजिस्ट्रेशन के लिए सर्टिफिकेट, NOC और वेरिफिकेशन तक फर्जी तरीके से तैयार किए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि कई फर्जी डॉक्टरों ने न तो मेडिकल की पढ़ाई की और न ही इंटर्नशिप, फिर भी उन्हें डॉक्टर के रूप में पंजीकृत कर दिया गया। ऑनलाइन आवेदन के दौरान अलग-अलग राज्यों की काउंसिल के नाम पर फर्जी दस्तावेज अपलोड किए गए, जिनमें काट-छांट कर बनाए गए जाली सर्टिफिकेट और NOC शामिल थे।
सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि बिना उचित जांच के फर्जी ई-मेल वेरिफिकेशन तैयार कर फाइल में संलग्न कर दिए गए, जिससे पूरे सिस्टम में मिलीभगत की आशंका मजबूत होती है।
फिलहाल SOG सभी गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और इस फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के बाद और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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