मध्यप्रदेश के आर्थिक और शहरी विकास के केंद्र इंदौर को बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदा जल प्रदाय परियोजना के चौथे चरण का विधिवत भूमि-पूजन किया।

यह महत्वाकांक्षी परियोजना अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत करीब 1356 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य शहर की बढ़ती आबादी को सतत और स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

इस मेगा प्रोजेक्ट को चार प्रमुख पैकेज में तैयार किया जाएगा—

पैकेज-1:
1650 एमएलडी क्षमता का इंटेक सिस्टम, 400 एमएलडी का अत्याधुनिक ट्रीटमेंट प्लांट, पंपिंग स्टेशन और हाई-टेक जल संरचना विकसित की जाएगी।

पैकेज-2:
39 किलोमीटर लंबी ग्रेविटी पाइपलाइन, टनल और क्लोरिनेशन प्लांट का निर्माण किया जाएगा, जिससे जल वितरण व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी।

पैकेज-3:
20 नए ओवरहेड टैंक, 29 पुराने टैंकों का उन्नयन और लगभग 1.26 लाख नए जल कनेक्शन दिए जाएंगे।

पैकेज-4:
20 नए ओवरहेड टैंक, पुराने टैंकों का अपग्रेडेशन और करीब 1.21 लाख नए कनेक्शन शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना न केवल इंदौर की वर्तमान जल जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि भविष्य के लिए भी एक सुदृढ़ और आधुनिक जल आपूर्ति प्रणाली तैयार करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य है—हर घर तक स्वच्छ और पर्याप्त पानी पहुंचाना।

इस परियोजना से शहर के लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और इंदौर की जल समस्या को काफी हद तक दूर करने में मदद मिलेगी।

यह पहल इंदौर के इंफ्रास्ट्रक्चर और जीवन स्तर को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

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