मध्यप्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी और अहम पहल एक बार फिर शुरू होने जा रही है। प्रदेश में 1 अप्रैल से “स्कूल चलें हम” अभियान की शुरुआत होगी। इस अभियान के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं और सभी जिलों के कलेक्टर्स एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य है उन बच्चों को स्कूल से जोड़ना जो अभी तक शिक्षा से दूर हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। सरकार का फोकस खासतौर पर ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा स्कूल में नामांकित करना और नए सत्र में अधिकतम नामांकन सुनिश्चित करना है। इस पूरे अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में किया जाएगा, जो इस पहल को लेकर सरकार की प्राथमिकता को भी स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
अभियान की अवधि और गतिविधियाँ:
- अभियान 1 अप्रैल से 4 अप्रैल तक चलेगा।
- प्रदेशभर में जागरूकता रैलियां, जनसंपर्क अभियान, घर-घर संपर्क और स्कूल स्तर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों दोनों में शिक्षा विभाग, स्थानीय प्रशासन और शिक्षकों की संयुक्त टीम इस अभियान को जमीन पर उतारने में जुटी रहेगी।
शिक्षा विभाग के अधिकारी इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग करेंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को स्कूल तक पहुँचाया जा सके।
“स्कूल चलें हम” सिर्फ एक अभियान नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शिक्षा ही वह आधार है जो समाज और देश की दिशा तय करता है।
इस पहल से उम्मीद है कि प्रदेश में शिक्षा के स्तर को बढ़ावा मिलेगा और हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँचाने में मदद मिलेगी।
PUBLICFIRSTNEWS.COM
