मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, भारतीय खेल प्राधिकरण के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव एवं खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री का शॉल, बस्तर आर्ट से निर्मित आकर्षक प्रतीक चिह्न और बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भेंट कर आत्मीय स्वागत किया।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें उचित अवसर, संसाधन और सशक्त मंच देने की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से युवाओं की प्रतिभा को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में आयोजित बस्तर और सरगुजा ओलंपिक ने प्रदेश को नई पहचान दिलाई है। इन आयोजनों से कई छिपी प्रतिभाएं सामने आई हैं, जिससे युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। सरकार द्वारा उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी करना प्रदेश के लिए गर्व की बात है, जो विशेष रूप से आदिवासी अंचलों के युवाओं में नई ऊर्जा का संचार करेगा। बस्तर में शांति और मुख्यधारा से जुड़ाव के बाद खेलों में युवाओं की भागीदारी और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने ‘बस्तर पंडुम’ का उल्लेख करते हुए बताया कि इस आयोजन में पारंपरिक खेल, गायन, वादन, वेशभूषा और व्यंजन सहित 12 विधाओं में लगभग 54 हजार प्रतिभागियों की भागीदारी प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और खेल विरासत का प्रमाण है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। जगदलपुर में आयोजित इस कार्यक्रम को उन्होंने आदिवासी सशक्तिकरण और खेलों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।
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