देवास जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में मिले अज्ञात शव के मामले में पुलिस ने मात्र 48 घंटे के भीतर अंधे कत्ल का खुलासा कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस सनसनीखेज हत्याकांड में मृतक की पत्नी ही पति की हत्यारिन निकली, जिसने अपने प्रेमी और अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूरे हत्याकांड का खुलासा ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से हुआ।

कैसे हुआ खुलासा

8 और 9 जनवरी 2026 की दरम्यानी रात देवास के नौशराबाद बायपास पशु हाट के पास उज्जैन–देवास बायपास रोड पर एक व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। शुरुआत में मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा था, लेकिन गहराई से जांच करने पर यह एक सोची-समझी हत्या निकली।

मृतक की पहचान

मृतक की पहचान राकेश मालवीय (42 वर्ष) निवासी साईंनाथ कॉलोनी, देवास के रूप में हुई।

पुलिस जांच और टीम

पुलिस अधीक्षक देवास श्री पुनीत गेहलोत के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम गठित की गई। जांच का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) जयवीर सिंह भदौरिया और नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के मार्गदर्शन में सिविल लाइन थाना पुलिस ने किया।

सीसीटीवी से खुला राज

ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में वारदात के बाद आरोपियों के भागने के फुटेज सामने आए। इन्हीं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जब मृतक की पत्नी से पूछताछ की गई तो उसने हत्या की साजिश कबूल कर ली।

प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह

जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी और आरोपी देवेन्द्र यादव इंदौर में एक क्लेम एक्सपर्ट वकील के यहां साथ काम करते थे। यहीं से दोनों के बीच प्रेम संबंध बने। दोनों ने मिलकर पति को रास्ते से हटाकर बीमा क्लेम लेने की योजना बनाई।

ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम

योजना के तहत पहले पति को बीयर में नींद की गोलियां मिलाकर बेहोश किया गया। इसके बाद ब्लेड से गला काटकर हत्या कर दी गई। सबूत मिटाने के लिए खून से सने कपड़े धोए गए और शव को बाइक सहित बायपास पर फेंक दिया गया, ताकि मामला सड़क हादसा लगे।

पुलिस की बड़ी सफलता

देवास पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 48 घंटे में इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर दिया, जिसे लेकर पूरे जिले में पुलिस की सराहना हो रही है।

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