शहर के बिरला ग्राम क्षेत्र में शनिवार देर रात एक धार्मिक सभा को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच की। जांच के बाद यह साफ हुआ कि धर्मांतरण जैसी कोई गतिविधि सामने नहीं आई, लेकिन बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित करने के कारण पांच व्यक्तियों और होटल कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि बिरला ग्राम के लाल गेट के पास स्थित होटल सिगड़ी 95 में क्रिश्चियन समाज के कुछ लोग अन्य समुदाय के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के साथ धार्मिक सभा का आयोजन कर रहे थे। इस सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।
जांच के दौरान धर्मांतरण से जुड़ा कोई प्रमाण नहीं मिला। हालांकि वहां मौजूद लोगों के बैग से धार्मिक ग्रंथ बाइबल बरामद हुई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि प्रार्थना और धार्मिक गतिविधि हो रही थी। उप निरीक्षक संजय माथुर ने बताया कि कार्यक्रम आयोजित करने के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। इसके कारण स्थानीय स्तर पर थोड़ी देर के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई।
पुलिस ने मौके से पांच व्यक्तियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। इसके अलावा होटल मालिक और मैनेजर के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई दर्ज की गई। क्रिश्चियन समुदाय से जुड़े कुछ अन्य लोगों को भी बिना अनुमति धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि पूरे मामले में धर्मांतरण जैसी कोई गतिविधि सामने नहीं आई है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आगे भी सतर्क निगरानी जारी रखी जाएगी ताकि ऐसे किसी भी विवाद से बचा जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता से स्थिति नियंत्रण में रही और किसी बड़े विवाद या हिंसा की संभावना नहीं बनी।
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और समुदाय के बीच संवाद की आवश्यकता को भी उजागर किया है। अधिकारियों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के लिए नियमों का पालन करना आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह और गलतफहमी से बचा जा सके।
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