सशक्त गांव, समृद्ध मध्यप्रदेश—
बेहतर योजनाओं के ज़रिए प्रदेश की तस्वीर तेज़ी से बदल रही है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण विकास को मजबूत आधार देने के लिए हर ग्राम पंचायत में पीएम किसान समृद्धि केंद्र की स्थापना की जा रही है, जिससे किसानों को एक ही स्थान पर कृषि सेवाएं उपलब्ध होंगी।

प्रदेश में 2,472 ग्राम सेवा सदन, 106 अटल सुशासन भवन और 5 अटल जिला सुशासन भवन को स्वीकृति दी गई है, जिससे पंचायत स्तर पर प्रशासनिक ढांचा और मजबूत होगा।

इतना ही नहीं, ₹855 करोड़ की लागत से 3,560 सामुदायिक भवनों के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है, जिससे गांवों में सामाजिक गतिविधियों को नया स्थान मिलेगा।

ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना के तहत प्रदेश की 155 विधानसभा क्षेत्रों में ग्रामों का चयन किया गया है।

वहीं, ‘एक बगिया माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत ₹750 करोड़ की लागत से 31,142 कार्य पूरे किए गए हैं, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ आजीविका को भी बढ़ावा दे रहे हैं।

जल संरक्षण के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश को बड़ी उपलब्धि मिली है।
‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत खरगोन जिले को नेशनल वाटर अवॉर्ड-2024 में प्रथम पुरस्कार मिला है।

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पिछले दो वर्षों में 11 लाख 27 हजार से अधिक परिवार ‘लखपति दीदी’ श्रेणी में दर्ज किए गए हैं।

कुल मिलाकर, सरकारी योजनाओं के ज़रिए
गांव सशक्त हो रहे हैं और मध्यप्रदेश समृद्धि की ओर आगे बढ़ रहा है।

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