चार दशकों तक विकास की मुख्यधारा से कटे रहे वनांचल के दुर्गम गाँवों में अब बदलाव की स्पष्ट तस्वीर दिखाई देने लगी है। सुदूर और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों वाले इन इलाकों में संचालित नियद नेल्ला नार योजना ग्रामीण और जनजातीय समाज के लिए वरदान साबित होती नजर आ रही है।

जहाँ कभी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, वहीं अब सड़क निर्माण कार्यों को गति मिली है। कई गाँवों को मुख्य मार्गों से जोड़ा जा रहा है, जिससे आवागमन आसान हुआ है और प्रशासनिक पहुँच भी मजबूत हुई है।

शिक्षा और स्वास्थ्य को मिली नई दिशा

योजना के तहत स्कूलों की स्थापना और उन्नयन का कार्य जारी है। बच्चों को अब अपने ही क्षेत्र में शिक्षा की सुविधा उपलब्ध हो रही है, जिससे शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार और आपातकालीन सहायता समय पर मिल रही है।

सुरक्षा और विश्वास का वातावरण

दुर्गम इलाकों में सुरक्षा कैंपों की स्थापना से स्थानीय लोगों में भरोसा बढ़ा है। इससे क्षेत्र में स्थिरता आई है और विकास कार्यों को गति मिली है। प्रशासन का कहना है कि उद्देश्य केवल आधारभूत संरचना तैयार करना नहीं, बल्कि जनजातीय समाज को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।

सुगम, सरल और सुरक्षित जीवन की ओर कदम

नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से वनांचल के गाँव अब धीरे-धीरे सुगम, सरल और सुरक्षित जीवन की ओर बढ़ रहे हैं। जिन क्षेत्रों को कभी पहुंच से बाहर माना जाता था, वे अब मुख्यधारा से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं।

स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इसी गति से कार्य जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में इन दुर्गम गाँवों की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।

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