धमतरी नगर निगम में वाहन संकट इतना गंभीर हो गया है कि महापौर का वाहन पिछले 25 दिनों से खराब पड़ा हुआ है। वहीं निगम की महिला सभापति कौशल्या देवांगन को पिछले 7 दिनों से रिक्शा में आना-जाना पड़ रहा है, क्योंकि उनका भी वाहन खराब बताया जा रहा है।
सभापति ने बताया कि उनका वाहन एक दिन अचानक वापस ले लिया गया, जिससे उन्हें मजबूरी में रिक्शा का सहारा लेना पड़ा। महापौर ने कहा कि निगम के सभी वाहन कंडम हो चुके हैं और नए वाहनों की सख्त जरूरत है।
सवाल उठता है कि जब सरकार ‘ट्रिपल इंजन’ का दावा करती है, तो क्या इसी सरकार में नगर निगम अपने जनप्रतिनिधियों के लिए वाहनों की मरम्मत तक नहीं करवा पा रहा? निगम की महिला सभापति का रिक्शा में आना-जाना पद के अनुरूप अपमान माना जा सकता है।
इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्ष के नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार के विकास दावों पर तीखा हमला बोला है।
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