अंजोरा स्थित मैत्री डेंटल कॉलेज के बाहर उस वक्त हालात तनावपूर्ण हो गए, जब एक कर्मचारी की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सड़क पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया गया और नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया गया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।
मृतक की पहचान रोमन साहू के रूप में हुई है, जो पिछले करीब 20 वर्षों से अस्पताल में कार्यरत थे। परिजनों का आरोप है कि समय पर उचित इलाज नहीं मिलने के कारण उनकी मौत हुई है। यही वजह है कि गुस्साए परिजन और ग्रामीण इंसाफ की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए।
घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। सड़क पर शव रखे जाने के कारण लंबा जाम लग गया और वाहनों की कतारें लग गईं। इस दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं ग्रामीणों में भी अस्पताल प्रबंधन के प्रति भारी नाराजगी देखी गई।
परिजनों ने प्रशासन के सामने स्पष्ट मांग रखी है कि
- 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए
- परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
- मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिस संस्थान में रोमन साहू ने दो दशक तक सेवा दी, उसी संस्थान के बाहर उनका शव इंसाफ के इंतजार में क्यों पड़ा रहा। वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ता जा रहा है।
फिलहाल, प्रशासन मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और परिजनों को कब तक न्याय मिल पाता है।
PUBLICFIRSTNEWS.COM
