बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद मध्यप्रदेश सरकार अब एक्शन मोड में नजर आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ कर दिया है कि इस हादसे में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को इसकी कीमत चुकानी होगी।
मुख्यमंत्री जबलपुर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मिले और उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने हादसे को लेकर कई बड़े प्रशासनिक फैसलों का ऐलान भी किया।
हादसे के बाद क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। वहीं होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को लापरवाही के चलते निलंबित किया गया है।
इसके अलावा रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे मामले की जांच अब एक उच्च स्तरीय समिति द्वारा की जाएगी। इस समिति में महानिदेशक होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा, मध्यप्रदेश शासन के सचिव और जबलपुर संभाग के आयुक्त शामिल होंगे। समिति क्रूज संचालन के नियमों, सुरक्षा प्रोटोकॉल और दुर्घटना के सभी पहलुओं की गहराई से जांच करेगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। साथ ही पर्यटन विभाग के माध्यम से क्रूज संचालन के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी तैयार की जाएगी।
वहीं, रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है और लापता लोगों की तलाश लगातार की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं ताकि जल्द से जल्द सभी तक पहुंचा जा सके।
इस पूरे घटनाक्रम पर उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी लगातार नजर बनाए हुए हैं।
बरगी हादसा अब केवल एक दुर्घटना नहीं रहा, बल्कि यह सिस्टम, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही की एक बड़ी परीक्षा बन गया है।
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