मध्यप्रदेश में वक्फ संपत्तियों को लेकर बड़े स्तर पर सुधार और कार्रवाई की दिशा में सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वक्फ संपत्तियों से अतिक्रमण हटाने का कार्य केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक सुधार प्रक्रिया है, जो पारदर्शिता और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने यह बात मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा आयोजित स्कॉलरशिप वितरण कार्यक्रम के दौरान कही। इस कार्यक्रम में 849 छात्र-छात्राओं को स्कॉलरशिप प्रदान की गई, जिससे उनके शिक्षा के सपनों को नई उड़ान मिली। सीएम ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रतिभावान विद्यार्थी की पढ़ाई आर्थिक कारणों से प्रभावित न हो।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के महान वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, जिन्होंने देश को वैज्ञानिक ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने भारत-पाक युद्ध में शौर्य और साहस के प्रतीक कैप्टन हमीद को भी श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को याद किया।

सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड देश के सबसे बेहतर और सक्रिय वक्फ बोर्डों में से एक बनकर उभरा है। बोर्ड द्वारा किए जा रहे सुधार कार्य न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का काम भी कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ सुधारों के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश के लिए एक उदाहरण बन रहा है। पारदर्शिता, डिजिटल रिकॉर्ड और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि सभी वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग समाज के हित में हो और कोई भी अवैध कब्जा या दुरुपयोग न रहे।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रदेश सरकार विकास, शिक्षा और सामाजिक सुधारों को साथ लेकर चल रही है। वक्फ बोर्ड की योजनाओं के माध्यम से छात्रों को प्रोत्साहन मिल रहा है और समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
PUBLICFIRSTNEWS.COM









