मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, रचनात्मकता और नवाचार की क्षमता ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है। युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप अवसर देकर राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से व्यापक रूप से जोड़ना जरूरी है।
मुख्यमंत्री श्री साय मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित ‘मेरा युवा भारत’ (माय भारत) की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को माय भारत से जोड़ने और विभिन्न विभागों की गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
‘सशक्त युवा-सशक्त छत्तीसगढ़’ पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों से जोड़ने से उनमें नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना मजबूत होगी। उन्होंने ग्राम स्तर से राज्य स्तर तक मजबूत युवा नेटवर्क तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, खेल, पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन, कौशल विकास, कृषि, तकनीकी शिक्षा, आपदा प्रबंधन और सामाजिक कल्याण सहित विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
माय भारत से जुड़े 2.65 करोड़ से ज्यादा युवा
बैठक में बताया गया कि देशभर में 2.65 करोड़ से अधिक युवा माय भारत प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हैं। छत्तीसगढ़ में भी 6.60 लाख से अधिक युवा इससे जुड़ चुके हैं।
माय भारत को युवाओं और सरकार के बीच सिंगल विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से युवाओं को स्वयंसेवा, कौशल विकास, अनुभव आधारित शिक्षण, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में 233 ईएलपी से जुड़े युवा
बैठक में जानकारी दी गई कि देशभर में 24,900 से अधिक एक्सपीरियेंशियल लर्निंग प्रोग्राम (ELP) के माध्यम से 1.21 लाख से ज्यादा युवाओं को शासन की विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा गया है। छत्तीसगढ़ में 233 ELP के जरिए 2,389 से अधिक युवाओं ने भाग लिया है।
वहीं, देशभर में 1.53 लाख से अधिक स्वयंसेवा अवसरों के माध्यम से 10 लाख से ज्यादा युवाओं को सेवा गतिविधियों से जोड़ा गया है। छत्तीसगढ़ में 5,778 वालंटियर अवसरों के जरिए 23,900 से अधिक युवाओं ने भागीदारी की है।
बस्तर के युवाओं को मिलेंगे नए अवसर
मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर के युवाओं को माय भारत की गतिविधियों से व्यापक स्तर पर जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर अब हिंसा और भय के दौर को पीछे छोड़कर शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बस्तर के युवाओं की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें नेतृत्व, खेल, कला, संस्कृति, कौशल और राष्ट्र निर्माण से जुड़े नए अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के युवाओं की प्रतिभा और सामर्थ्य को उचित अवसर देकर उन्हें छत्तीसगढ़ और देश के विकास का सक्रिय भागीदार बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
‘विकसित छत्तीसगढ़ यंग लीडर्स डायलॉग’ पर जोर
मुख्यमंत्री ने ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ को युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने की महत्वपूर्ण पहल बताया। बैठक में छत्तीसगढ़ में ‘विकसित छत्तीसगढ़ यंग लीडर्स डायलॉग’ आयोजित करने पर भी चर्चा हुई।
इसके जरिए खेल, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, समाज कल्याण, नगरीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन, पर्यटन और कृषि जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की योजना है।
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, मुख्य सचिव श्री विकासशील सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और माय भारत के राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।
PUBLICFIRSTNEWS.COM
