पब्लिक फर्स्ट । भोपाल । राजेश सक्सेना ।

  • मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय:

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास और जनकल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

  • ‘पोषण भी- पढ़ाई भी’ प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए 30.56 करोड़ रुपये की स्वीकृति:

राज्य सरकार ने सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के अंतर्गत ‘पोषण भी- पढ़ाई भी’ प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए 30 करोड़ 56 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस पहल का उद्देश्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देकर बच्चों के पोषण और शिक्षा में सुधार लाना है।

  • गेहूं उपार्जन पर बोनस राशि में वृद्धि:

रबी विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों को गेहूं उपार्जन पर प्रति क्विंटल बोनस राशि 125 रुपये से बढ़ाकर 175 रुपये करने का निर्णय लिया गया है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

  • धान उपार्जन में किसानों को प्रति हेक्टेयर 4000 रुपये की सहायता:

खरीफ मार्केटिंग सीजन 2024 में धान का विक्रय करने वाले लगभग 6.70 लाख किसानों को प्रति हेक्टेयर 4000 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार इस योजना पर 480 करोड़ रुपये व्यय करेगी, जिससे 12.20 लाख हेक्टेयर में पैदा की गई धान पर किसानों को लाभ होगा।

  • राजस्व भू-अभिलेखों के डिजिटाइजेशन के लिए 138.41 करोड़ रुपये की स्वीकृति:

भारत सरकार के डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम के तहत प्रदेश में लंबित राजस्व भू-अभिलेखों के डिजिटाइजेशन के लिए 138 करोड़ 41 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इससे भूमि संबंधी रिकॉर्ड्स की पारदर्शिता और सुलभता में वृद्धि होगी।

  • छिंदवाड़ा वन वृत्त के पुनर्गठन का निर्णय:

मंत्रिपरिषद ने छिंदवाड़ा वन वृत्त के अंतर्गत तीन वनमंडलों—पूर्व, पश्चिम और दक्षिण छिंदवाड़ा—को पुनर्गठित करने का निर्णय लिया है। इससे वन प्रबंधन में सुधार और संसाधनों के बेहतर उपयोग की संभावना है।

इन निर्णयों से प्रदेश में कृषि, शिक्षा, डिजिटलाइजेशन और वन प्रबंधन के क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन की उम्मीद है, जिससे राज्य का समग्र विकास संभव होगा।

publicfirstnews.com

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