•   मध्यप्रदेश सरकार ने फैसला किया है कि जो किसान खेतों में नरवाई (फसल अवशेष/पराली) जलाते पाए जाएंगे, उनकी किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता एक साल के लिए रोक दी जाएगी।

•   यह सहायता राज्य और केंद्र सरकार दोनों से मिलती है—हर साल कुल 12,000 रुपये (6,000 रुपये केंद्र से, 6,000 रुपये राज्य से)।

•   सरकार के आदेश के अनुसार, ऐसे किसानों को एक साल तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर भी फसल बेचने की अनुमति नहीं होगी।

•   यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और वायु प्रदूषण रोकने के लिए लिया गया है, क्योंकि नरवाई जलाने से मिट्टी और पर्यावरण दोनों को नुकसान होता है।

•   प्रदेश में लगभग 7,000 किसानों की पहचान की गई है, जिन्होंने चेतावनी के बावजूद नरवाई जलाई है । 

•   यह रोक मुख्य रूप से राज्य सरकार की 6,000 रुपये वाली राशि पर लागू होगी; केंद्र की 6,000 रुपये की राशि पर फिलहाल कोई स्पष्ट आदेश नहीं है, लेकिन कई रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों हिस्से रोके जा सकते हैं।

•   सबसे ज्यादा मामले नर्मदापुरम, रायसेन, गुना, इंदौर और विदिशा जिलों में सामने आए हैं।
  • सरकार का उद्देश्य:

सरकार किसानों को दंडित करना नहीं चाहती, बल्कि उन्हें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाना चाहती है, ताकि छोटे लाभ के लिए बड़े नुकसान से बचा जा सके ।

publicfirstnews.com

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