बेल वाली सब्जियाें की खेती के लिए जून और जुलाई का महीना आदर्श माना जाता है. इन महीनों में मानसून की पहली बारिश से मिट्टी में पर्याप्त नमी बनी रहती है. इस दौरान तुरई, भिंडी और कद्दू जैसी सब्जियाें की खेती कर किसान प्रति बीघा 80 हजार तक कमाई कर सकते हैं.
यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में किसान बरसात के महीने में सब्जी की खेती करते हैं. बरसात के महीने में सब्जी की खेती करने से किसानों को अच्छा खासा मुनाफा होता है. जून और जुलाई का महीना किसानों के लिए नई शुरुआत का अवसर लेकर आता है. खासकर खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही बेल वाली सब्जियों की खेती लाभदायक होती है.
इस समय यदि किसान सही फसल का चुनाव करें, तो कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है. कद्दू की खेती कर किसान अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं.
इन महीनों में मानसून की पहली बारिश से मिट्टी में पर्याप्त नमी बनी रहती है, जो बेल वाली सब्जियों के विकास के लिए जरूरी है. इन फसलों की खासियत यह है कि ये कम समय में तैयार हो जाती है. ऐसे में किसान लौकी की खेती करते हैं.
जून जुलाई के महीने में तुरई की खेती करने से अच्छा खासा मुनाफा किसान कमा सकते हैं, क्योंकि बरसात के मौसम में सब्जी की डिमांड बाजारों में अधिक होती है और पैदावार कम होती है, जिस कारण किसान लाखों रुपए कमा सकते हैं.
बरसात के मौसम में बाजारों में भिंडी की डिमांड अधिक होती है, जिस कारण किसान बरसात के मौसम में भिंडी की खेती करते हैं. भिंडी की खेती करने से कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है. अगर आप भी बरसात के मौसम में भिंडी, कद्दू, लौकी, करेला, तोरई की खेती करना चाहते हैं तो कर सकते हैं. इससे अच्छा खासा मुनाफा कमाया जा सकता है.
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