मध्यप्रदेश अब ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बार्सिलोना यात्रा के दौरान दिए गए बयान में स्पष्ट किया कि प्रदेश की प्राथमिकता अब सतत विकास (Sustainable Development) और स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) के विस्तार की ओर केंद्रित है। उन्होंने कहा, “बार्सिलोना के ग्रीन एनर्जी मॉडल के अनुरूप मध्यप्रदेश भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।”मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों को 32 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। यह कदम न केवल किसानों की सिंचाई लागत को घटाएगा, बल्कि उन्हें ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाएगा। पारंपरिक डीज़ल और बिजली से चलने वाले पंपों की जगह सोलर पंप अपनाने से पर्यावरण को भी भारी राहत मिलेगी।यह पहल जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए एक व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान है। राज्य सरकार की मंशा साफ है — मध्यप्रदेश को ग्रीन एनर्जी उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बनाना। इसके लिए सरकार विभिन्न अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ साझेदारी कर रही है, जैसा कि हाल ही में स्पेन की कंपनी Submer Technologies के साथ हुए MoU में देखा गया।

प्रदेश में स्थापित किए जा रहे सोलर पार्क, हाइड्रो और बायो एनर्जी प्रोजेक्ट्स भी इसी दृष्टिकोण का हिस्सा हैं। इन परियोजनाओं से न केवल लाखों यूनिट स्वच्छ ऊर्जा उत्पन्न होगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया बल मिलेगा।किसानों को सोलर पंप देने की योजना केवल ऊर्जा क्षेत्र में सुधार का नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का भी प्रतीक है। इससे किसानों की निर्भरता ग्रिड बिजली पर कम होगी और उन्हें वर्ष भर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे कृषि उत्पादन में बढ़ोत्तरी होगी।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले वर्षों में प्रदेश को पूरी तरह से हरित ऊर्जा आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने का रोडमैप तैयार है। इसका मतलब है — कम कार्बन उत्सर्जन, अधिक ऊर्जा कुशलता और अधिक टिकाऊ विकास।

ग्रीन एनर्जी की यह यात्रा न केवल पर्यावरण की रक्षा करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और उन्नत प्रदेश का निर्माण भी सुनिश्चित करेगी। यह पहल प्रधानमंत्री के ‘नेट ज़ीरो’ लक्ष्य की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण योगदान मानी जाएगी।मध्यप्रदेश अब पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक प्रगति को साथ लेकर चलने वाला एक आदर्श राज्य बनता जा रहा है — और यह केवल शुरुआत है।

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