पब्लिक फर्स्ट । भोपाल । सुनील मालवीय ।
अवसर: नवीन विधायक विश्राम गृह के भूमि पूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का संबोधन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रेरक संबोधन के प्रमुख बिंदु:
1958 के बाद बड़ा बदलाव — अब विश्राम गृह नहीं, सेवा केंद्र होंगे!
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 1958 के बाद पहली बार विधायक विश्राम गृहों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। अब ये विश्राम गृह केवल विश्राम के स्थान नहीं होंगे, बल्कि जनसेवा के आधुनिक केंद्रों में बदले जाएंगे।
“भारत अब विश्व का सबसे बड़ा और प्रभावी लोकतंत्र” — मुख्यमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत न केवल सबसे बड़ा बल्कि सबसे सशक्त और प्रेरणादायक लोकतंत्र बन चुका है।
भारतीय संस्कृति को मिला वैश्विक सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पूरी दुनिया भारत की संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को श्रद्धा से देखती है। भारतीय जीवनशैली वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन रही है।
स्पेन की मंत्री और आदिवासी कला का सम्मान
स्पेन की एक मंत्री का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने आदिवासी कला से बने भारतीय स्कार्फ को गर्व से अपनाया — यह भारत की संस्कृति के प्रति वैश्विक सम्मान का उदाहरण है।
कृषि और युवा शक्ति के लिए आधुनिकता जरूरी
डॉ. यादव ने किसानों और युवाओं के लिए अत्याधुनिक तकनीकों के प्रयोग को समय की आवश्यकता बताया।
सिंधु से संकल्प तक — भारतीय सभ्यता का योगदान
उन्होंने कहा कि सिंधु घाटी से आज तक भारतीय सभ्यता की स्वच्छता, पवित्रता और खान-पान की पद्धति ने पूरी दुनिया को आकर्षित किया है।
आधुनिक सेवा युक्त विश्राम गृह बनेंगे विकास के प्रतीक
नई सुविधाओं में होंगे:
- ग्रीन टेक्नोलॉजी
- सौर ऊर्जा
- रेन वाटर हार्वेस्टिंग
- CCTV निगरानी
- योग केंद्र, जिम और स्विमिंग पूल
अनुच्छेद 370 हटना लोकतंत्र की जीत
मुख्यमंत्री ने डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि संसद ने 370 हटाकर राष्ट्र की एकता को सशक्त किया है।
देवस्थानों से सामाजिक समरसता का संदेश
अब मंदिर, केवल पूजा के स्थान नहीं बल्कि सामाजिक समरसता और एकता के केंद्र बनेंगे — विशेषकर अनुसूचित समाज को जोड़ने का संकल्प दोहराया गया।
महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा
लाडली बहनों से लेकर मुस्लिम बहनों तक — मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा प्राथमिकता है।
डिजिटल युग में विधायक भी बनें टेक-सेवी
मुख्यमंत्री ने ChatGPT जैसे AI टूल्स का उदाहरण देते हुए विधायकों से आग्रह किया कि वे डिजिटल तकनीक को अपनाएं और जनता से सीधे जुड़ें।
नवाचार, समरसता और सतत विकास — हमारा मार्ग
अपने समापन भाषण में उन्होंने कहा कि सरकार नवाचार, सामाजिक समरसता और समावेशी विकास के पथ पर लगातार आगे बढ़ेगी।
निष्कर्ष:
डॉ. मोहन यादव का यह संबोधन न केवल भविष्य की कार्ययोजना का संकेत है, बल्कि यह भी दिखाता है कि मध्यप्रदेश सरकार पारंपरिक संस्थाओं को नवाचार के माध्यम से नए युग में ला रही है — जहाँ सेवा, समरसता और संवेदनशीलता ही शासन का मूल मंत्र हैं।
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