पब्लिक फर्स्ट। उत्तर प्रदेश / लखनऊ।अभिषेक यादव।

वाराणसी के काशी विश्वनाथ धाम में श्रावण मास और मासिक शिवरात्रि के दुर्लभ संयोग ने पूरे शहर को भक्ति के रंग में रंग दिया। श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा और हजारों की संख्या में कांवड़िए बाबा भोलेनाथ के दरबार में दर्शन के लिए पहुंचे।

पुष्पवर्षा ने बढ़ाया उत्सव का आकर्षण

इस वर्ष आयोजन की सबसे विशेष बात रही — हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा। जब बाबा के जयकारों से गूंजती काशी की गलियों पर गुलाब और गेंदे के फूल बरसे, तो श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। यह अनोखा दृश्य श्री काशी विश्वनाथ धाम के इतिहास में एक अविस्मरणीय क्षण बन गया।

चाक-चौबंद व्यवस्था ने दिल जीता

धाम में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति ने भव्य तैयारियां की थीं। पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त रही। पुलिस, स्वयंसेवी संस्थाएं, स्वच्छता कर्मचारी और प्रशासनिक अधिकारी लगातार सक्रिय दिखे।

शहर के प्रमुख स्थानों पर कांवड़ियों के लिए जल सेवा, स्वास्थ्य सुविधा, आराम स्थल और भोजन की समुचित व्यवस्था की गई थी। यह आयोजन न केवल आस्था का प्रतीक बना, बल्कि प्रबंधन की उत्कृष्टता का उदाहरण भी रहा।

आध्यात्म और सांस्कृतिक धरोहर का संगम

काशी विश्वनाथ धाम का यह दिव्य आयोजन वाराणसी की धार्मिक गरिमा और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। श्रावण मास और मासिक शिवरात्रि का यह पर्व भक्ति, सेवा और व्यवस्था का संगम बन गया, जिसने लाखों श्रद्धालुओं के हृदय में अमिट छाप छोड़ी।

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