पब्लिक फर्स्ट। तराना / उज्जैन।अर्पित बोड़ाना।

श्रावण मास के अंतिम सोमवार को बाबा तिलभांडेश्वर महादेव की ऐतिहासिक व भव्य सवारी पारंपरिक विधि-विधान, भक्ति और उत्साह के साथ नगर भ्रमण पर निकली। पूरे शहर में शिवभक्ति का अद्वितीय उत्सव देखने को मिला, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बाबा के दर्शन के लिए उमड़ पड़ी।

सवारी की शुरुआत तिलभांडेश्वर मंदिर परिसर से मंदिर के महंत श्री मोहन भारती के सानिध्य में मंत्रोच्चार के साथ हुई। पंडित अखिलेश चतुर्वेदी और महादेव भारती द्वारा विधिपूर्वक पालकी पूजन किया गया। इसके बाद पालकी नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर प्रांगण पहुंची।

इस सवारी में गाजे-बाजे, ढोल धमाके, भजन मंडलियां, और अखाड़ों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण रहीं। विशेष रूप से रामदूत मर्दानी अखाड़ा और स्व. पन्नालाल जी अखाड़ा उज्जैन की बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत दंड और तलवार कला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इसके अतिरिक्त मंगलनाथ व्यायामशाला तराना, गणेश बैंड उज्जैन, और शहर के कई अन्य प्रतिष्ठित अखाड़ों ने भी इस आयोजन में भागीदारी निभाई। नगरवासियों ने जगह-जगह बाबा तिलभांडेश्वर की आरती की, पुष्पवर्षा, पूजन-अर्चन और भंडारे का आयोजन कर भक्तिभाव से स्वागत किया।

श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए, और कई स्थानों पर खिचड़ी व फलाहार का वितरण किया गया। यह आयोजन उज्जैन की समृद्ध धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत और भक्ति परंपरा को जीवंत करने वाला एक प्रेरक उदाहरण बना।

शाही सवारी के इस शुभ अवसर का सावन और भादो मास में विशेष धार्मिक महत्व है। अगली सवारी 19 अगस्त को निकलेगी, जिसमें और अधिक उत्साह व श्रद्धा देखने को मिलने की उम्मीद है।

publicfirstnews.com

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