पब्लिक फर्स्ट। देवास। अनिल उपाध्याय ।
सतवास पुलिस और जिला साइबर सेल देवास ने एक अंतरराज्यीय ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो खुद को CBI अधिकारी बताकर लोगों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर लाखों की ठगी कर रहा था। इस गिरोह ने सतवास निवासी प्रमोद गौर से ₹20.81 लाख की ठगी की थी।
शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत के निर्देशन और एडिशनल एसपी सौम्या जैन के नेतृत्व में जांच शुरू हुई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने दिल्ली, महाराष्ट्र, गाजियाबाद, इंदौर और नीमच से 2100 किलोमीटर की यात्रा कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी
- सोमेश्वर उर्फ सोम (दिल्ली)
- संजय उर्फ संजू (गाजियाबाद)
- गौरव उर्फ रितिक (नीमच)
- हर्ष उर्फ पीटर (इंदौर)
- ऋषिकेश (सांगली, महाराष्ट्र)
- सुनील उर्फ सागर (सांगली, महाराष्ट्र)
पुलिस ने इनके पास से मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट, बैंक पासबुक, और ATM कार्ड बरामद किए हैं। जांच में पता चला कि ये लोग टेलीग्राम ग्रुप बनाकर बैंक खाते किराए पर लेते थे और बड़ी रकम ट्रांसफर करते थे।
अब तक इस गिरोह के खिलाफ देशभर में 37 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हैं। देवास पुलिस ने इस केस को सुलझाने में बड़ा ऑपरेशन अंजाम दिया और ठगी की इस श्रृंखला पर लगाम कसने में सफलता प्राप्त की है।
