पब्लिक फर्स्ट। लखनऊ। अभिषेक यादव।
उत्तर प्रदेश के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में एक बड़ा बदलाव आया है। निदेशक विशाल सिंह की दूरदर्शिता और दृढ़ इच्छाशक्ति ने विभाग को एक आधुनिक, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था की ओर अग्रसर किया है।
विभाग ने अब एक डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है, जिसके माध्यम से सरकारी विज्ञापनों का वितरण और उनके भुगतान की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। यह कदम राज्य में योगी सरकार की ‘करप्शन पर जीरो टॉलरेंस’ की नीति को और मजबूत करता है।
पारदर्शिता का नया अध्याय: विज्ञापन और भुगतान अब सब कुछ ऑनलाइन
अब तक, सरकारी विज्ञापनों को प्राप्त करने और उनके बिल के भुगतान की प्रक्रिया अक्सर धीमी और जटिल होती थी। इस व्यवस्था में कई बार बिचौलियों की भूमिका भी सामने आती थी, जिससे छोटे और नए मीडिया संस्थानों को परेशानी होती थी। लेकिन, नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के आने से यह पूरा परिदृश्य बदल गया है।
इस नई प्रणाली के तहत, सभी रजिस्टर्ड मीडिया संस्थानों जैसे न्यूज़ चैनलों, रेडियो एफएम, समाचार पत्रों और प्रोडक्शन हाउस को विज्ञापन ऑनलाइन ही दिए जाएंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये संस्थान अब अपने विज्ञापनों के भुगतान का लाइव स्टेटस ट्रैक कर सकेंगे। इससे उन्हें पता चल पाएगा कि उनका बिल किस चरण में है, विभाग में कब सबमिट हुआ और भुगतान की वर्तमान स्थिति क्या है।
यह सुविधा न केवल समय की बचत करेगी बल्कि इस पूरी प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप को भी कम करेगी, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी ढंग से लगाम लगेगी।
पंजीकरण हुआ आसान, बिचौलियों का खेल खत्म
यह बदलाव केवल विज्ञापन तक सीमित नहीं है। विशाल सिंह के प्रयासों से नई मीडिया संस्थानों के पंजीकरण की प्रक्रिया को भी सरल और पारदर्शी बना दिया गया है। अब कोई भी नया न्यूज़ चैनल, रेडियो एफएम या प्रोडक्शन हाउस खुद को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में ऑनलाइन रजिस्टर कर सकता है। पंजीकरण की प्रक्रिया को सार्वजनिक कर दिया गया है, जिससे सभी के लिए नियम और शर्तें स्पष्ट हैं।
इस पहल से बिचौलियों का खेल पूरी तरह से खत्म हो जाएगा और पात्र संस्थानों को बिना किसी रुकावट के सरकारी योजनाओं और विज्ञापनों का लाभ मिलेगा।
योगी सरकार की नीति का जीवंत उदाहरण
विशाल सिंह का यह कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें सरकारी विभागों में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देकर पारदर्शिता और जवाबदेही तय की जा रही है। इस डिजिटल क्रांति से विभाग का कायाकल्प हो रहा है और यह एक ऐसा मॉडल बन रहा है, जिसे दूसरे विभाग भी अपना सकते हैं।
इस पहल का सीधा लाभ राज्य के मीडिया संस्थानों को मिलेगा, जिन्हें अब काम करने में अधिक सहूलियत और विश्वास मिलेगा। यह कहा जा सकता है कि श्री विशाल सिंह के इस दूरदर्शी निर्णय ने उत्तर प्रदेश में सूचना एवं जनसंपर्क के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत की है।
