राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना द्वारा उज्जैन में तीन दिवसीय राष्ट्रीय बैठक का आयोजन किया गया। देशभर के 22 राज्यों से संगठन के राष्ट्रीय, प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ प्रतिनिधि इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य समाज के सशक्तिकरण, संगठनात्मक एकजुटता और युवाओं में जागरूकता फैलाने के लिए कार्य योजना बनाना रहा।
बैठक की शुरुआत उज्जैन के पवित्र धार्मिक स्थल बाबा महाकाल की नगरी में चिंतन शिविर के रूप में हुई। इस अवसर पर राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष शीला सुखदेव सिंह गोगामडी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेन्द्र सिंह कटार, प्रदेश अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह समेत कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रमुख निर्णय और घोषणाएं:
- हर राज्य में चिंतन शिविर आयोजित किए जाएंगे, अगला शिविर राजस्थान में 17 अगस्त को होगा।
- “राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना” नाम से मोबाइल ऐप लॉन्च, जिससे कार्यकर्ताओं को संगठन की गतिविधियों और कार्यक्रमों की जानकारी तुरंत मिल सकेगी।
- आपदा और विपत्तियों के समय संगठनों की एकजुटता को सुनिश्चित करने पर विशेष चर्चा।
- समाज के युवाओं को जोड़ने, शिक्षा, सुरक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने का आह्वान।
- उत्तराखंड हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया।
संगठन का उद्देश्य:
कार्यकारी अध्यक्ष गोगामडी ने कहा कि करणी सेना केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक सामाजिक चेतना है। इसका उद्देश्य समाज में एकजुटता, सुरक्षा और स्वाभिमान को बनाए रखना है।
प्रदेश अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह ने कहा कि यह राष्ट्रीय बैठक एक मील का पत्थर है, जो संगठन की दिशा और दृष्टि को और स्पष्ट करती है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को मोमेंटो देकर सम्मानित किया और संगठन के प्रति उनकी निष्ठा की सराहना की।
ऐप लॉन्चिंग का उद्देश्य:
नवीन लॉन्च किया गया मोबाइल ऐप संगठन को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इसके जरिए देशभर के कार्यकर्ताओं को एक मंच पर जोड़ा जाएगा और संगठन की रणनीतियाँ, सूचनाएं और घोषणाएं तत्काल साझा की जा सकेंगी।
निष्कर्ष:
राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की यह तीन दिवसीय बैठक संगठन के विस्तार, समन्वय और सक्रियता की दिशा में एक निर्णायक पहल है। सामाजिक जिम्मेदारियों और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी को लेकर लिए गए निर्णय आने वाले समय में संगठन को नई दिशा देंगे।
