राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना का तीसरा प्रदेश स्तरीय चिंतन शिविर और भव्य राजपूत समागम उज्जैन में 7 और 8 अगस्त को संपन्न हुआ। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर से राष्ट्रीय पदाधिकारी, करणी सैनिक और समाजजन बड़ी संख्या में शामिल हुए। शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज उत्थान, संगठन विस्तार, युवाओं को रोजगार से जोड़ना और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को शिक्षा में सहयोग प्रदान करना था।
मुख्य अतिथि और हस्तियां
- बृजभूषण शरण सिंह – पूर्व सांसद एवं कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष
- सुशील कुमार सिंह – औरंगाबाद सांसद एवं ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ प्रभारी
- शीला शेखावत – राष्ट्रीय अध्यक्ष
- योगेंद्र सिंह कटारा – राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
- कलावती यादव – निगम अध्यक्ष
- राजवर्धन सिंह – पूर्व कैबिनेट मंत्री
- शिवप्रताप सिंह चौहान – प्रदेश अध्यक्ष
मुख्य संबोधन और संदेश
शिविर के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने युवाओं को आत्मचिंतन करने और भगवान राम व महापुरुषों के दिखाए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा,
“गलत विचारों के गलत परिणाम सामने आते हैं, इसलिए विचारों की शुद्धि आवश्यक है।”
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने LED स्क्रीन के माध्यम से विशेष संदेश देते हुए कहा,
“हर बात को जाति के आधार पर नहीं देखना चाहिए, समाज को जोड़ना ही हमारा ध्येय है।”
विशेष पहल – निःशुल्क आधुनिक छात्रावास का शुभारंभ
चिंतन शिविर के पश्चात शहरभर में भव्य वाहन रैली निकाली गई, जिसमें हजारों करणी सैनिकों की भागीदारी रही। रैली राजपूत छात्रावास पहुंचकर संपन्न हुई, जहां उज्जैन में 100 कमरों के निःशुल्क आधुनिक छात्रावास का शुभारंभ किया गया। यह छात्रावास 5 जिलों के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को निःशुल्क पढ़ाई का अवसर देगा। संगठन ने घोषणा की कि भविष्य में प्रदेशभर में ऐसे छात्रावास स्थापित किए जाएंगे।
समापन संदेश:
उज्जैन का यह चिंतन शिविर न केवल समाज उत्थान का संकल्प लेकर समाप्त हुआ, बल्कि एक मजबूत संदेश भी दे गया कि संगठन और एकता से ही सामाजिक परिवर्तन संभव है।
