शहर के संत नगर चौराहे पर शुक्रवार देर रात एक सनसनीखेज घटना ने सभी को चौंका दिया। महापौर मुकेश टटवाल के मौसेरे भाई लक्ष्मीकांत अंधेरिया पर चार बदमाशों ने चाकू से हमला कर दिया। विवाद की शुरुआत महापौर की पान की दुकान पर सौंफ मांगने को लेकर हुई थी, जो देखते-देखते जानलेवा हमले में बदल गई।

घटना कैसे हुई

शुक्रवार-शनिवार की रात करीब 11:30 बजे लक्ष्मीकांत अंधेरिया महापौर की पान की दुकान पर मौजूद थे। तभी लक्की उर्फ लोकेंद्र वाड़िया, सौरभ भरानी, पिंकेश अखंड और एक अन्य युवक (सभी हाथीपुरा निवासी) वहां आए और सौंफ मांगने को लेकर कहासुनी करने लगे। शुरू में विवाद मारपीट तक सीमित रहा, लेकिन आरोपी वहां से जाने के बाद कुछ देर में फिर लौटे और अचानक चाकू से हमला कर दिया।

गंभीर चोट और अस्पताल में भर्ती

हमले में चाकू लक्ष्मीकांत के फेफड़ों के पास गहराई से घुस गया, जिससे वे लहूलुहान होकर गिर पड़े। परिजनों ने तुरंत उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत को नाजुक बताते हुए अगले 72 घंटे को बेहद अहम बताया है।

पुलिस की कार्रवाई

माधवनगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या के प्रयास के तहत मामला दर्ज किया। शनिवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें सेंट्रल जेल भैरवगढ़ भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद है, जिसमें हमलावर स्पष्ट रूप से मारपीट और चाकू मारते नजर आ रहे हैं।

महापौर का बयान

महापौर मुकेश टटवाल ने हमले की कड़ी निंदा की और इसे “खुलेआम गुंडागर्दी” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को फोन करने के बाद ही कार्रवाई हुई। हमलावरों ने वारदात के दौरान धमकी देते हुए कहा था— “महापौर तेरा भाई तो हमारा क्या बिगाड़ लेगा।”

स्थानीय माहौल और चिंता

यह घटना उज्जैन में बढ़ती असामाजिक गतिविधियों पर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे हमले शहर की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा हैं। पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी और कानून व्यवस्था बनाए रखी जाएगी।

publicfirstnews.com

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