हर साल 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस (World Elephant Day) मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य हाथियों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवासों की रक्षा और उनके प्रति जागरूकता बढ़ाना है। हाथी शक्ति, सामर्थ्य और बुद्धिमत्ता के प्रतीक माने जाते हैं, साथ ही वे पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने और जैव विविधता को सशक्त करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

भारत में घटती हाथियों की संख्या

भारत में एशियाई हाथियों की आबादी लगातार घट रही है और वर्तमान में इनकी संख्या लगभग 48 से 52 हजार के बीच रह गई है। इनमें से करीब 60% हाथी भारत में रहते हैं। इसी महत्व को देखते हुए भारत सरकार ने 2010 में भारतीय हाथी को राष्ट्रीय धरोहर पशु घोषित किया था। लेकिन शिकार, अवैध हाथीदांत व्यापार, आवास विनाश और जलवायु परिवर्तन जैसे कारण उनकी संख्या को लगातार कम कर रहे हैं।

पारिस्थितिकी तंत्र में भूमिका

हाथी जंगलों के प्रहरी हैं। वे बीज फैलाकर और जंगलों के रास्ते बनाकर वनस्पति को पुनर्जीवित करते हैं, जिससे अन्य जीवों के लिए भी आवास उपलब्ध होता है। यह उन्हें वन्यजीव जगत का “इकोसिस्टम इंजीनियर” बनाता है।

2025 की थीम

इस साल की थीम: “हाथियों की मदद के लिए दुनिया को एक साथ लाना”

यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग, संरक्षण प्रयासों और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने की आवश्यकता पर जोर देती है।

publicfirstnews.com

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