पब्लिक फर्स्ट। भोपाल । ब्यूरो।

मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाला एक ऐतिहासिक दिन आज जबलपुर में दर्ज होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा स्वास्थ्य सुविधाओं को सशक्त बनाने के लिए कई अभूतपूर्व पहलों का शुभारंभ करेंगे।

कार्यक्रम की मुख्य बातें

शासकीय मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण

श्योपुर और सिंगरौली में नवीन शासकीय मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण किया जाएगा। इन कॉलेजों के शुरू होने से न सिर्फ चिकित्सा शिक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का भी विस्तार होगा।

नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना

धार, बैतूल, पन्ना और कटनी में पीपीपी (Public-Private Partnership) मॉडल पर 4 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए अनुबंधों पर हस्ताक्षर होंगे। इस कदम से प्रदेश में मेडिकल सीटों में बढ़ोतरी और डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपहार

कार्यक्रम में 8 लाख वरिष्ठ नागरिकों को “वय वंदना कार्ड” प्रदान किए जाएंगे। इस कार्ड से बुजुर्गों को स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान और प्राथमिक पहुंच सुनिश्चित होगी।

मातृ-शिशु स्वास्थ्य

प्रदेशभर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए “मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड” का वितरण किया जाएगा। इससे गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर देखभाल मिल सकेगी।

तकनीकी नवाचार

आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए “स्मार्ट चैटबॉट (आयुष्मान एवं सखी)” का शुभारंभ होगा। यह चैटबॉट आम नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं, योजनाओं और परामर्श की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराएगा।

आशा कार्यकर्ताओं से संवाद

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री आशा कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। यह संवाद स्वास्थ्य सेवाओं को ज़मीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

कार्यक्रम स्थल और विशेषता

यह आयोजन नेताजी सुभाष चंद्र बोस सांस्कृतिक सूचना केन्द्र, जबलपुर में होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसकी अध्यक्षता करेंगे, वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा मुख्य अतिथि के रूप में श्योपुर एवं सिंगरौली मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण करेंगे।

स्वास्थ्य सेवाओं के नए युग की शुरुआत

यह पहल मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी। चिकित्सा शिक्षा के विस्तार, बुजुर्गों और मातृ-शिशु स्वास्थ्य की सुरक्षा, और तकनीक आधारित नवाचारों के माध्यम से यह कार्यक्रम जनस्वास्थ्य सुरक्षा को एक नई पहचान देगा।

publicfirstnews.com

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