पब्लिक फर्स्ट । धर्म । लेखक – आचार्य राजेश ।
श्राद्ध पक्ष से पहले का बड़ा खगोलीय घटना
देशभर में 7 सितंबर, रविवार की रात आकाश में एक विशेष दृश्य दिखाई देगा। इस दिन खग्रास चंद्रग्रहण लगेगा, जिसका प्रभाव न केवल धार्मिक आस्थाओं पर बल्कि हर राशि के जातकों पर भी पड़ेगा।
ग्रहण का समय
- प्रारंभ : रात 9:57 बजे
- मध्य : रात 11:41 बजे
- समाप्ति (मोक्ष) : रात 1:27 बजे
ग्रहण के साथ ही सूतक काल दोपहर 12:57 बजे से प्रारंभ हो जाएगा।
सूतक काल के नियम
- भगवान की मूर्ति या विग्रह को स्पर्श न करें।
- ठोस भोजन से परहेज़ करें, केवल तरल पदार्थ लिया जा सकता है।
- बालक, वृद्ध और रोगियों को इन नियमों से छूट है।
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें, दान करें और फिर भोजन करें।
राशियों पर असर
- मेष ➝ लाभकारी परिणाम
- वृषभ ➝ शुभकारक
- मिथुन ➝ वाणी पर संयम रखें
- कर्क ➝ नकारात्मक प्रभाव संभव
- सिंह ➝ जीवनसाथी के लिए अशुभ
- कन्या ➝ सुखदायक परिणाम
- तुला ➝ चिंता की स्थिति
- वृश्चिक ➝ अनावश्यक परेशानियाँ
- धनु ➝ धन लाभ की संभावना
- मकर ➝ नुकसान व यात्रा में सावधानी
- कुंभ ➝ स्वास्थ्य पर ध्यान दें
- मीन ➝ उधार देने में सतर्कता
निवारण और उपाय
जिन राशियों पर ग्रहण का प्रतिकूल असर हो सकता है, वे निम्न उपाय करें—
- ग्रहण समाप्ति के बाद अथवा अगले दिन सूर्योदय से पूर्व नदी, तालाब या जलाशय में कच्चा दूध प्रवाहित करें।
- दान करें — धन, अन्न, वस्त्र या भोजन का।
- इन उपायों से ग्रहण का नकारात्मक असर कम होगा और जीवन में शुभता बढ़ेगी।
यह चंद्रग्रहण केवल खगोलीय घटना नहीं, बल्कि आस्था और जीवन पर गहरा प्रभाव डालने वाला समय है। उचित सावधानी और पुण्य कार्यों से इसके दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है।
“आचार्य राजेश”
ज्योतिषाचार्य व वास्तुविद्
+91 98933 53154
