भोपाल में वंदेमातरम के 150वें स्मरणोत्सव का आयोजन।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शौर्य स्मारक पर किया वंदेमातरम गायन।
150 कलाकारों ने एक साथ वंदेमातरम का गायन किया।
संस्कृत, बंगला, मलयालम में हुआ वंदेमातरम का गायन।
ऐतिहासिक समारोह ने शहर में राष्ट्रभक्ति की लहर को फैलाया।
भोपाल, मध्य प्रदेश — वंदेमातरम के 150वें स्मरणोत्सव के अवसर पर शहर में एक भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शौर्य स्मारक पर इस गौरवपूर्ण अवसर पर उपस्थिति दर्ज करवाई और वंदेमातरम का गायन किया। इस समारोह में 150 कलाकारों ने एक साथ इस राष्ट्रीय गीत की प्रस्तुति दी, जो एक अभूतपूर्व दृश्य था।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्रप्रेम और एकता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “वंदेमातरम हमें हमारे राष्ट्र के प्रति निष्ठा और सम्मान का अहसास कराता है, और आज हम इसे 150 वर्षों बाद भी उसी श्रद्धा और सम्मान के साथ गा रहे हैं।”
इस आयोजन में खास बात यह रही कि वंदेमातरम को विभिन्न भाषाओं में गाया गया—संस्कृत, बंगला और मलयालम—जिससे हर भारतीय भाषा और संस्कृति की समृद्धि का प्रतीक बन गया। इस विविधता में एकता का संदेश प्रसारित हुआ और पूरे भोपाल शहर में एकजुटता की भावना का संचार हुआ।
कार्यक्रम में शामिल कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी ध्वनि में गूंजती राष्ट्रभक्ति और एकता की भावना ने हर दिल को छुआ। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “यह आयोजन केवल एक गीत नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक धरोहर की अभिव्यक्ति है।”
इस ऐतिहासिक आयोजन ने न सिर्फ भोपाल, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश को गौरवान्वित किया। यह दिन हमेशा के लिए भारतीयता की पहचान और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक बनेगा।
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