पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी ने उज्जैन में ठंड के तेवर और तीखे कर दिए हैं। शुक्रवार सुबह शहर पूरी तरह कोहरे की आगोश में डूबा नजर आया। विशेषकर रामघाट पर शिप्रा नदी का दृश्य मनमोहक था, लेकिन यहां की ठंड ने स्थानीय लोगों को परेशान कर दिया।
शहरवासी ठंड से बचने के लिए सुबह-शाम अलाव का सहारा लेते नजर आए और लोग गर्म कपड़ों में लिपटे हुए सड़कों पर घूमते देखे गए। मौसम की इस अप्रत्याशित ठंड ने शहर में जीवन को प्रभावित किया है।
जीवाजी वेधशाला के आंकड़ों के अनुसार, बीती रात सीजन की अब तक की सबसे ठंडी रात रही, जिसमें न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, दिन के दौरान तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी गई और यह पिछले तीन दिनों के मुकाबले 4 डिग्री बढ़कर 30 डिग्री तक पहुंच गया।
वेधशाला अधीक्षक राजेंद्र गुप्त ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों तक बर्फीली हवाओं का असर बना रहेगा, जिससे रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि ठंड के मौसम में गर्म कपड़े पहनें और बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की विशेष देखभाल करें।
मौसम विभाग ने यह भी चेताया है कि सुबह और रात के समय कोहरा और ठंडी हवाओं का असर अधिक रहेगा, इसलिए सड़क और यातायात में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। स्थानीय प्रशासन ने भी नागरिकों को आगाह किया है कि अत्यधिक ठंड के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
इस ठंड और कोहरे ने उज्जैन की सुबह को आकर्षक लेकिन चुनौतीपूर्ण बना दिया है। वहीं, मौसम के इस दौर ने लोगों को गर्म कपड़ों और अलाव की ओर मजबूर कर दिया है, ताकि वे ठंड से सुरक्षित रह सकें।
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