नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने अपना दूसरा इंटीग्रेटेड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह ट्रायल परिचालन की तैयारियों को परखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
इस इंटीग्रेटेड ट्रायल के दौरान एयरपोर्ट के विभिन्न तकनीकी सिस्टम, संचालन टीमें और यात्री मूवमेंट को एक साथ जोड़कर वास्तविक परिस्थितियों में परीक्षण किया गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि उड़ान शुरू होने के बाद यात्रियों को किसी भी स्तर पर असुविधा का सामना न करना पड़े।
ट्रायल के तहत चेक-इन काउंटर से लेकर सुरक्षा जांच, इमीग्रेशन, बोर्डिंग गेट और विमान में प्रवेश तक पूरी प्रक्रिया की बारीकी से समीक्षा की गई। सभी चरणों में समय प्रबंधन, तकनीकी दक्षता और कर्मचारियों के समन्वय को परखा गया।
एयरपोर्ट प्रबंधन का विशेष फोकस यात्रियों को वर्ल्ड-क्लास ट्रैवल एक्सपीरियंस प्रदान करने पर रहा। यात्री सुविधा, संकेत प्रणाली, काउंटर मैनेजमेंट और मूवमेंट फ्लो को बेहतर बनाने के लिए जरूरी सुधारों को भी इस ट्रायल के दौरान चिन्हित किया गया।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर CISF के साथ समन्वय और तालमेल को और मजबूत किया गया। सुरक्षा जांच, प्रवेश नियंत्रण और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का भी परीक्षण किया गया, ताकि परिचालन शुरू होने पर उच्चतम सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित किया जा सके।
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, हर सफल ट्रायल के साथ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूर्ण परिचालन के और करीब पहुंचता जा रहा है। आने वाले समय में और भी परीक्षण किए जाएंगे, जिसके बाद आम यात्रियों के लिए उड़ानों की औपचारिक शुरुआत की जाएगी।
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